Weather Update 12 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। दिल्ली-NCR में बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में भी बारिश का जोर जारी रहने की संभावना है।
मौसम की मौजूदा स्थिति के पीछे उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर फैली हुई है।
दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के आसार
दिल्ली-NCR में 12 अगस्त को मौसम बदला हुआ रह सकता है। IMD के पूर्वानुमान में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं की संभावना बताई गई थी।
स्थानीय स्तर पर बारिश होने से गर्मी और उमस से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश
राजस्थान के लिए 12 अगस्त का मौसम ज्यादा महत्वपूर्ण रहा। IMD ने पूर्वी राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में Heavy to Very Heavy Rainfall की संभावना जताई थी। पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना थी।
राज्य में पहले से हुई तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ था। ऐसे में नई बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।
मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 12 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास मौजूद कम दबाव का क्षेत्र मध्य भारत के मौसम को प्रभावित करने वाले प्रमुख सिस्टम में शामिल था।
मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में अगले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने के संकेत थे।
बंगाल की खाड़ी में नया Low Pressure Area
मौसम में एक और महत्वपूर्ण बदलाव बंगाल की खाड़ी में देखने को मिला। IMD ने 12 अगस्त को पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरी बंगाल की खाड़ी में Low Pressure Area बनने की जानकारी दी।
इस सिस्टम के कारण पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां और मजबूत होने की संभावना बनी।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बेहद भारी बारिश
12 अगस्त को बारिश का सबसे ज्यादा असर पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में रहने का अनुमान था।
IMD के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर Heavy to Very Heavy Rainfall के साथ कहीं-कहीं Extremely Heavy Rainfall तक होने की संभावना थी।
तेज बारिश की स्थिति में शहरी जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
गुजरात-महाराष्ट्र में भी तेज बारिश
पश्चिम भारत में गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र में भी 12 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना थी। कोंकण और गोवा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान था।
मानसून की सक्रियता के कारण पश्चिमी तट और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने के संकेत थे।
यूपी में गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अगस्त को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40–50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना थी।
इस दौरान बिजली गिरने और अचानक तेज हवाएं चलने की स्थिति में खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।
दक्षिण भारत में भी बदला रहेगा मौसम
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान था।
कुछ क्षेत्रों में हवाओं की गति 40–50 किमी प्रति घंटे और झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी।
अगले कुछ दिन क्यों महत्वपूर्ण?
उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक कई अलग-अलग मौसम सिस्टम सक्रिय होने के कारण मानसून का दौर जारी रहने की संभावना है।
खासकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों में भारी बारिश वाले क्षेत्रों पर नजर रखना जरूरी है।
दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।
भारी बारिश के दौरान पानी से भरे अंडरपास और सड़कों से गुजरने से बचें। नदी-नालों के तेज बहाव के पास न जाएं और स्थानीय प्रशासन तथा IMD की जिलेवार चेतावनी को प्राथमिकता दें।






