राजस्थान में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है, सड़कों पर पानी भरने और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है। वहीं 12 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान के कुछ हिस्सों में आज तेज बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। खासकर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर मौसम का ज्यादा असर रहने की संभावना है।
कोटा-झालावाड़ समेत इन इलाकों पर नजर
राजस्थान में सक्रिय मानसून का सबसे ज्यादा असर दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में दिखाई दे रहा है। कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर, उदयपुर, राजसमंद और टोंक सहित कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
कोटा और आसपास के इलाकों में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत है। झालावाड़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
जयपुर और भरतपुर संभाग में भी बारिश के आसार
बारिश का असर केवल कोटा संभाग तक सीमित नहीं है। जयपुर और भरतपुर संभाग के कई हिस्सों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है। कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अनुकूल मौसमी परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
आखिर राजस्थान में क्यों हो रही इतनी बारिश?
इस समय पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर एक सक्रिय मौसमी सिस्टम का प्रभाव बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां बढ़ी हैं।
इसके अलावा मानसून ट्रफ की स्थिति भी बारिश के लिए अनुकूल बनी हुई है। यही कारण है कि पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में लगातार बारिश देखने को मिल रही है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, कई रास्ते प्रभावित
लगातार बारिश के बाद राज्य के कई क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बारिश का पानी सड़कों और निचले इलाकों में जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
बारां और झालावाड़ के बीच परवन नदी में तेज बहाव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ। वहीं चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कुछ मार्गों पर भी परेशानी सामने आई।
ऐसे इलाकों में लोगों को पानी से भरे रास्तों और तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने से बचना चाहिए।
बूंदी में कम समय में हुई तेज बारिश
बूंदी में भी तेज बारिश का असर देखने को मिला है। कम समय में हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।
बारिश के दौरान शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ने से निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या और बढ़ सकती है।
उदयपुर-चित्तौड़गढ़ में भी मानसून सक्रिय
दक्षिण राजस्थान के उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और आसपास के क्षेत्रों में भी मानसूनी गतिविधियां जारी हैं।
पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश के दौरान स्थानीय नालों और छोटी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
13 अगस्त से मिल सकती है कुछ राहत
मौसम के मौजूदा अनुमान में 13 अगस्त से भारी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे राजस्थान में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।
14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है।
15 अगस्त के आसपास कैसा रहेगा मौसम?
आगे बढ़ते हुए राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून की तीव्रता कम हो सकती है। हालांकि उत्तरी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना बनी रह सकती है।
इसलिए अगले 24 घंटे राजस्थान के कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
राजस्थान में मानसून की बारिश अभी सामान्य से पीछे
बारिश के मौजूदा तेज दौर के बावजूद पूरे मानसून सीजन की तस्वीर अलग है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में इस मानसून सीजन में बारिश अभी सामान्य स्तर से नीचे चल रही है।
कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। इससे साफ है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का वितरण काफी असमान रहा है।
भारी बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। पानी से भरे अंडरपास, पुल और सड़कों को पार करने की कोशिश न करें।
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को प्राथमिकता दें।
राजस्थान के जिन क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां विशेष सावधानी जरूरी है।
Disclaimer: यह मौसम रिपोर्ट उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान और प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। स्थानीय मौसम तेजी से बदल सकता है। किसी यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन की नवीनतम चेतावनी जरूर देखें।






