उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शिवालिक पहाड़ियों पर लगातार हुई भारी बारिश के बाद शाकंभरी क्षेत्र में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पहाड़ियों से तेजी से नीचे आए बरसाती पानी के कारण शाकंभरी खोल दूसरे दिन भी उफान पर रहा, जिससे सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता बंद करना पड़ा।
तेज बहाव और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पुलिस और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को भूरादेव मंदिर से आगे जाने से रोक दिया। दिल्ली और हरियाणा समेत दूसरे क्षेत्रों से दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भी वापस लौटना पड़ा।
करीब 32 घंटे बंद रहा मंदिर जाने वाला रास्ता
भारी बारिश का सबसे बड़ा असर शाकंभरी देवी मंदिर की यात्रा पर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक शाकंभरी खोल में पानी का तेज बहाव बने रहने के कारण मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग करीब 32 घंटे तक पूरी तरह बंद रहा।
शिवालिक पहाड़ियों में बारिश होने के बाद बरसाती पानी तेजी से नीचे आता है। इसी वजह से खोल में अचानक पानी का स्तर और बहाव बढ़ने का खतरा रहता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रास्ता सामान्य होने तक मंदिर की यात्रा स्थगित रखने की अपील की है।
भूरादेव मंदिर से आगे जाने पर रोक
सिद्धपीठ शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भूरादेव मंदिर से आगे नहीं जाने दिया गया।
पुलिस और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को मौके की स्थिति के बारे में जानकारी देकर वापस लौटने की सलाह दी। तेज बहाव वाले खोल में किसी व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई।
भूरादेव मंदिर के पास चेतावनी बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें आगे रास्ता संकरा होने और संभावित बाढ़ के खतरे की जानकारी दी गई है।
दिल्ली-हरियाणा से पहुंचे श्रद्धालु भी लौटे
मौसम खराब होने का असर स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा।
दिल्ली, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों से शाकंभरी देवी मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे लोगों को सुरक्षा कारणों से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि मौसम सामान्य होने और रास्ता सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा की योजना बनाई जाए।
दर्जनभर गांवों के संपर्क मार्ग प्रभावित
भारी बारिश का प्रभाव केवल मंदिर मार्ग तक सीमित नहीं रहा।
शिवालिक क्षेत्र की बरसाती नदियों और खोल में पानी बढ़ने के कारण करीब दर्जनभर गांवों के संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए। कई रास्तों पर पानी आने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हुई और कुछ जगह वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा।
इससे क्षेत्र में सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा।
शाकंभरी खोल में क्यों अचानक बढ़ जाता है पानी?
शाकंभरी क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के नजदीक है। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर सहारनपुर जिले की बेहट तहसील के शिवालिक क्षेत्र में स्थित है।
पहाड़ियों पर तेज बारिश होने पर बरसाती पानी नीचे के खोल और नदियों की ओर तेजी से पहुंच सकता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर बारिश कम दिखाई देने के बावजूद ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों की बारिश नीचे तेज बहाव पैदा कर सकती है।
यही वजह है कि ऐसे मौसम में खोल या बरसाती नदी के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
बेहट-बिहारीगढ़ मार्ग पर मिली राहत
मंगलवार दोपहर बाद कुछ राहत मिली, जब क्षेत्र की कुछ बरसाती नदियों में पानी का बहाव कम हुआ।
इसके बाद बेहट-बिहारीगढ़ मार्ग पर यातायात दोबारा सुचारु हो गया, लेकिन शाकंभरी खोल में तेज बहाव के कारण मंदिर मार्ग पर सतर्कता जारी रही।
पुलिस और प्रशासन नदी-खोल के आसपास स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
प्रशासन की अपील—अभी यात्रा टालें
शाकंभरी देवी मंदिर जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात प्रशासन की चेतावनी है।
तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने की कोशिश न करें और मौसम तथा रास्ते की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करें।
विशेष रूप से दिल्ली-NCR, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन से रास्ते की नवीनतम स्थिति जरूर जांचें।
Disclaimer: यह स्वतंत्र समाचार रिपोर्ट उपलब्ध Live Hindustan संदर्भ रिपोर्ट पर आधारित है। बारिश, नदी-नालों के बहाव और मार्ग की स्थिति तेजी से बदल सकती है। यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की नवीनतम सूचना जरूर देखें।






