Rajasthan Weather Today 13 August 2026: राजस्थान में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में 13 अगस्त को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।
पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद राज्य के कई इलाकों में पहले से ही नमी का स्तर काफी अधिक है। ऐसे में नई बारिश से निचले क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों में पानी बढ़ने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान में बारिश के आसार
जयपुर और पूर्वी राजस्थान में मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है। IMD Jaipur के पूर्वानुमान के अनुसार 13 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में अनेक या कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
जयपुर में बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या देखने को मिल सकती है। वाहन चालकों को तेज बारिश के दौरान पानी भरे अंडरपास और निचली सड़कों से बचने की सलाह दी जाती है।
कोटा-उदयपुर में भारी बारिश का खतरा
कोटा और उदयपुर क्षेत्र पर भी मौसम की खास नजर बनी हुई है। इन इलाकों में नमी अधिक होने के कारण 13 अगस्त को भारी बारिश का खतरा ज्यादा बताया गया है।
लगातार बारिश होने की स्थिति में छोटे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण और निचले इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
अजमेर में भी बरसेंगे बादल
अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य के मध्य हिस्सों में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
हालांकि 14 अगस्त से अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं।
बीकानेर-जोधपुर में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है। 13 अगस्त के लिए IMD की subdivision warning में West Rajasthan के लिए Heavy Rain तथा Thunderstorm & Lightning की चेतावनी दर्ज है।
इसलिए पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर उन इलाकों में जहां स्थानीय स्तर पर तेज बादल विकसित हों।
12 अगस्त को चित्तौड़गढ़ में 227 मिमी बारिश
राजस्थान में बारिश की तीव्रता का अंदाजा पिछले 24 घंटे के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। चित्तौड़गढ़ के बस्सी में 227 मिमी बारिश दर्ज की गई। उदयपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, कोटा, झालावाड़ और भीलवाड़ा के कई हिस्सों में भी तेज बारिश हुई।
इतनी अधिक बारिश के बाद मिट्टी में नमी और स्थानीय जलस्रोतों का स्तर पहले से बढ़ा हुआ हो सकता है। नई तेज बारिश होने पर जलभराव और तेज बहाव का खतरा बढ़ जाता है।
आखिर राजस्थान में इतनी बारिश क्यों हो रही है?
IMD Jaipur के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। मानसून ट्रफ भी बीकानेर और इस कम दबाव वाले क्षेत्र से होकर गुजर रही थी। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और आसपास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद था।
इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है।
14 अगस्त से कहां मिलेगी राहत?
राजस्थान में बारिश का यह तेज दौर हर जगह लंबे समय तक जारी रहने की संभावना नहीं है।
IMD Jaipur के अनुसार 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश जारी रह सकती है।
इसलिए पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी रहेगा।
15 अगस्त से और कमजोर पड़ सकता है मानसून
15 अगस्त से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और कम होने के संकेत हैं। हालांकि राज्य के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश कुछ समय और जारी रह सकती है।
इसका मतलब यह नहीं है कि मानसून समाप्त हो जाएगा, बल्कि मौजूदा तेज बारिश वाले दौर की तीव्रता कम होने की संभावना है।
भारी बारिश के दौरान रहें सावधान
जिन जिलों में भारी बारिश या गरज-चमक की चेतावनी है, वहां स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की अपडेट पर नजर रखें।
तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें। पानी से भरे अंडरपास से वाहन निकालने से बचें और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
जिलेवार चेतावनी subdivision-level forecast से अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय अलर्ट को प्राथमिकता देना बेहतर है।






