Weather Alert Today 24 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने Low Pressure Area के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल एक दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। अलग-अलग राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। खासकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने के संकेत हैं।
बंगाल की खाड़ी में Low Pressure Area से बदला मौसम
बंगाल की खाड़ी में विकसित मौसम प्रणाली मौजूदा बारिश के दौर का एक प्रमुख कारण है। IMD ने 22 अगस्त को ही उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई थी। इसके प्रभाव से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की परिस्थितियां बनने का पूर्वानुमान था।
मौसम प्रणाली के पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ आसपास के राज्यों में भी नमी बढ़ सकती है। यही वजह है कि पूर्वी और मध्य भारत के बड़े हिस्से में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।
उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी
उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रह सकती हैं।
IMD के 22 अगस्त के राष्ट्रीय पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 से 25 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना जताई गई थी, जबकि 23 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान था।
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों और छोटे नदी-नालों के आसपास अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है।
बिहार में बढ़ सकती है बारिश
बिहार में मानसून की गतिविधियां आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान में 24 से 26 अगस्त के दौरान बिहार में अधिक व्यापक बारिश की संभावना बताई गई थी और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर आगे भी रह सकता है।
बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी कुछ क्षेत्रों में परेशानी बढ़ा सकती हैं।
ऐसे मौसम में खुले खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर रहेगा।
झारखंड में Heavy Rain का अलर्ट
झारखंड भी इस मौसम प्रणाली से प्रभावित प्रमुख राज्यों में शामिल है।
Live Hindustan की रिपोर्ट के अनुसार 23 से 27 अगस्त के दौरान झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। IMD ने भी 23 अगस्त से झारखंड में बारिश की गतिविधियों के व्यापक होने का पूर्वानुमान दिया था।
पहले से पानी से भरे निचले इलाकों में अतिरिक्त बारिश से जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
ओडिशा पर खास नजर
मौजूदा Low Pressure Area का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव ओडिशा पर दिखाई दे सकता है।
Live Hindustan की 23 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है और 24 से 26 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं।
लगातार तेज बारिश होने पर निचले क्षेत्रों में जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और स्थानीय नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
लोगों को अपने जिले की ताजा चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा
छत्तीसगढ़ भी आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण क्षेत्र रहेगा।
IMD ने पहले ही Low Pressure Area के प्रभाव में राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई थी। Live Hindustan की रिपोर्ट में भी 23 से 25 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ में तेज बारिश की परिस्थितियों का जिक्र है।
लगातार बारिश होने वाले इलाकों में मिट्टी पहले से संतृप्त होने पर अतिरिक्त बारिश का प्रभाव ज्यादा हो सकता है।
पश्चिम बंगाल में भी सक्रिय रहेगा मानसून
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय बना रह सकता है।
विशेष रूप से Gangetic West Bengal के हिस्सों में बारिश की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। 23 और 24 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना रिपोर्ट की गई है।
Sub-Himalayan West Bengal और Sikkim में भी अगले कुछ दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में जारी रहेगा बारिश का दौर
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है।
IMD के 22 अगस्त के पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना बताई गई थी। पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का दौर आगे भी बना रह सकता है।
बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना को देखते हुए खुले क्षेत्रों में सावधानी जरूरी है।
उत्तराखंड में पूरे सप्ताह बारिश की संभावना
पहाड़ी राज्यों में बारिश का खतरा मैदानी क्षेत्रों से अलग होता है।
IMD ने उत्तराखंड में 22 से 28 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई थी।
लगातार बारिश से भूस्खलन, पहाड़ी सड़कों पर मलबा गिरने, छोटे नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने और सड़क अवरोध जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले स्थानीय मौसम के साथ road conditions भी जरूर देखनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी बदला मौसम
हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी मानसूनी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान landslide-prone routes पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। यात्रा के दौरान केवल destination का forecast देखना पर्याप्त नहीं है; पूरे route की स्थिति देखना बेहतर रहता है।
गरज-चमक और तेज हवाओं का भी खतरा
इस मौसम प्रणाली का प्रभाव केवल बारिश तक सीमित नहीं है।
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों के लिए thunderstorm, lightning और gusty winds का जोखिम बताया गया था।
इस दौरान खुले मैदान, ऊंचे खुले स्थान और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे रुकने से बचना चाहिए।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा मौसम
लगातार बारिश कृषि गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती है।
जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है वहां सिंचाई, pesticide spraying और दूसरी field activities को स्थानीय hourly forecast देखकर plan करना बेहतर रहेगा।
तेज हवा और बारिश की संभावना के दौरान spraying प्रभावी नहीं रहती और खेतों में जलभराव वाली स्थिति भी फसलों को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि खेती से जुड़े फैसले केवल मौसम पूर्वानुमान के आधार पर नहीं बल्कि स्थानीय मिट्टी, फसल की किस्म और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार लेने चाहिए।
भारी बारिश से शहरों में Waterlogging का खतरा
कम समय में बहुत अधिक बारिश होने पर बड़े शहरों में drainage system पर दबाव बढ़ सकता है।
निचले इलाके, अंडरपास, सर्विस रोड और पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति तेजी से बदल सकती है।
वाहन चालकों को पानी से भरी सड़क की गहराई का अनुमान लगाकर उसे पार करने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
अगले कुछ दिन क्यों महत्वपूर्ण?
मौजूदा Low Pressure Area और सक्रिय मानसून के कारण पूर्वी तथा मध्य भारत में मौसम लगातार बदल सकता है।
ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अलग-अलग दिनों पर बारिश की तीव्रता बदलती रहेगी।
इसलिए केवल state-level forecast देखने के बजाय district और city-level warnings पर नजर रखना ज्यादा उपयोगी होगा।
भारी बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले अंडरपास और तेज बहाव वाली सड़कों से दूरी रखें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या अकेले पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
पहाड़ी क्षेत्रों में landslide-prone routes और उफनते नदी-नालों से दूरी बनाकर रखें।
किसी भी severe weather warning के दौरान स्थानीय प्रशासन और IMD की नवीनतम चेतावनी को प्राथमिकता दें।
आने वाले दिनों का Weather Outlook
मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए पूर्वी और मध्य भारत में मानसून की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक महत्वपूर्ण बनी रह सकती हैं।
विशेष रूप से ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में बारिश की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है, जबकि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भी बारिश जारी रह सकती है।
बारिश की वास्तविक मात्रा हर जिले और शहर में अलग हो सकती है। इसलिए लोगों को अपने स्थान का latest forecast और short-term warning देखते रहना चाहिए।
Disclaimer: यह स्वतंत्र मौसम रिपोर्ट 23–24 अगस्त 2026 को उपलब्ध मौसम संबंधी रिपोर्ट और आधिकारिक IMD forecast information के आधार पर तैयार की गई है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। यात्रा या मौसम-संवेदनशील गतिविधियों से पहले नवीनतम स्थानीय आधिकारिक चेतावनी जरूर देखें।






