Weather Alert Today 22 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास Low Pressure Area बनने की परिस्थितियां विकसित हुईं, जिसके प्रभाव से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले 2-3 दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई क्षेत्रों में भी बारिश का दौर सक्रिय रहने का अनुमान है।
IMD के 22 अगस्त के आधिकारिक पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास पहले से मौजूद Low Pressure Area भी सक्रिय था। इसके प्रभाव से 22 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना थी।
बंगाल की खाड़ी में नया Low Pressure Area
मौसम में इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण कारण उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहा नया सिस्टम था।
IMD के मुताबिक पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी में cyclonic circulation मौजूद था और इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर Low Pressure Area बनने की संभावना थी।
इस सिस्टम के प्रभाव से खासकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान लगाया गया।
ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा
ओडिशा इस मौसम प्रणाली से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले राज्यों में शामिल था।
IMD ने Low Pressure Area के प्रभाव से राज्य में अगले 2-3 दिनों के दौरान isolated heavy to very heavy rainfall की संभावना जताई। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 22 से 28 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का भी अनुमान था।
तेज बारिश वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी मूसलाधार बारिश
छत्तीसगढ़ के लिए भी मौसम का यह दौर महत्वपूर्ण था।
IMD के मुताबिक राज्य में 22 से 28 अगस्त तक व्यापक बारिश होने की संभावना थी। 22 और 23 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि 24 से 28 अगस्त के दौरान भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान था।
छत्तीसगढ़ में 22 से 26 अगस्त के दौरान thunderstorm और lightning का खतरा भी बताया गया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश
उत्तर प्रदेश में बारिश का सबसे ज्यादा प्रभाव पूर्वी हिस्से में रहने का अनुमान था।
IMD के अनुसार 22 से 25 अगस्त तक East Uttar Pradesh में fairly widespread to widespread rainfall की संभावना थी। 22 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और 23 अगस्त को isolated heavy rainfall की चेतावनी दी गई थी।
इसके कारण पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश की परिस्थितियां बन सकती थीं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश
22 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।
हालांकि आगे के दिनों में बारिश का ज्यादा व्यापक प्रभाव पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ रहने का अनुमान था।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की मात्रा समान नहीं रहने के कारण district-level warning ज्यादा महत्वपूर्ण रहती है।
बिहार में 24 अगस्त से बढ़ने वाली थी बारिश
बिहार में बारिश का ज्यादा व्यापक दौर 24 से 26 अगस्त के बीच आने का अनुमान लगाया गया था।
IMD के अनुसार 22-23 अगस्त को बिहार में isolated to scattered rainfall रहने की संभावना थी, जबकि 24-26 अगस्त के दौरान fairly widespread to widespread rainfall का अनुमान था।
इसके अलावा बिहार में thunderstorm, lightning और तेज हवाओं का भी खतरा बताया गया।
24 अगस्त के ताजा IMD bulletin में भी बिहार के लिए भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
झारखंड में भी सक्रिय होगा मानसून
झारखंड में 23 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी का अनुमान था।
IMD के मुताबिक 23 से 28 अगस्त तक राज्य में fairly widespread to widespread rainfall होने की संभावना थी। 23 और 24 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का भी अनुमान लगाया गया।
22 से 26 अगस्त के दौरान झारखंड में thunderstorm, lightning और gusty winds की परिस्थितियां भी बन सकती थीं।
मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून
मध्य प्रदेश में पहले से मौजूद Low Pressure Area के कारण बारिश का दौर सक्रिय था।
22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में heavy to very heavy rainfall की संभावना थी। इसके बाद 23 से 26 अगस्त तक भी East Madhya Pradesh में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया गया।
West Madhya Pradesh में भी 22 से 25 अगस्त तक isolated heavy rainfall की संभावना थी।
24 अगस्त के ताजा IMD forecast में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर Heavy to Very Heavy Rainfall की चेतावनी है।
पश्चिम बंगाल में भी बारिश का लंबा दौर
Low Pressure Area बनने की परिस्थितियों के कारण पश्चिम बंगाल में भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान था।
Gangetic West Bengal और Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim में 22 से 28 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना बताई गई थी।
Gangetic West Bengal में 23-24 अगस्त और Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim में 24-26 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान था।
उत्तराखंड में पूरे सप्ताह बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में भी मानसून का प्रभाव मजबूत रहने का अनुमान था।
IMD ने 22 से 28 अगस्त तक widespread rainfall के साथ पूरे सप्ताह अलग-अलग स्थानों पर heavy rainfall की संभावना जताई थी। इसी अवधि में thunderstorm और lightning का खतरा भी बना रहने का अनुमान था।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण landslide, सड़क अवरोध और छोटे नदी-नालों के अचानक उफान पर विशेष नजर रखना जरूरी होता है।
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश
हिमाचल प्रदेश में 22 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना थी, जबकि 23 से 28 अगस्त के दौरान बारिश अपेक्षाकृत बिखरी हुई रहने का अनुमान था।
22 अगस्त को राज्य में isolated heavy rainfall की संभावना भी जताई गई थी।
पहाड़ी क्षेत्रों में थोड़े समय की तेज बारिश भी सड़क यातायात और कमजोर ढलानों को प्रभावित कर सकती है।
दिल्ली-हरियाणा में कैसा था मौसम?
IMD ने 22 अगस्त को Haryana-Chandigarh-Delhi में अलग-अलग स्थानों पर heavy rainfall की संभावना जताई थी।
दिल्ली के लिए 22 अगस्त के forecast में generally cloudy sky और दोपहर से शाम के दौरान कई स्थानों पर very light to light rain का अनुमान था। रात और अगले दिन की शुरुआती घंटों में भी बारिश की संभावना थी।
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मानसूनी गतिविधियां बनी रहने का अनुमान था।
अरुणाचल प्रदेश में 22-25 अगस्त और असम-मेघालय में 24-25 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई गई थी।
इसके साथ पूर्वोत्तर के कई राज्यों में thunderstorm और lightning की चेतावनी भी जारी थी।
तेज हवाओं के साथ Thunderstorm का खतरा
पूर्वी भारत में बारिश के साथ तेज हवाओं का खतरा भी महत्वपूर्ण था।
IMD के अनुसार बिहार में 22-23 अगस्त के दौरान thunderstorm, lightning और 40-50 kmph, gusting up to 60 kmph तक हवाएं चलने की संभावना थी।
पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में भी अलग-अलग दिनों पर gusty winds की संभावना थी।
समुद्री क्षेत्रों में भी खराब मौसम
बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम का प्रभाव समुद्री क्षेत्रों पर भी पड़ने का अनुमान था।
IMD ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से लगे समुद्री हिस्सों में 22 से 25 अगस्त के दौरान खराब मौसम की परिस्थितियों का उल्लेख किया था।
ऐसे समय में मछुआरों के लिए जारी स्थानीय समुद्री चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण Weather Update
उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे कृषि प्रधान राज्यों में लगातार बारिश खेती की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।
Heavy rain या thunderstorm warning वाले क्षेत्रों में pesticide spraying और दूसरी field activities को स्थानीय hourly forecast के अनुसार plan करना बेहतर रहता है।
पहले से पानी से भरे खेतों में drainage पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण है।
भारी बारिश में Waterlogging का खतरा
कम समय में भारी बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में drainage systems पर दबाव बढ़ सकता है।
निचले इलाके, underpass और पहले से waterlogging वाले क्षेत्रों में स्थिति तेजी से खराब हो सकती है।
ऐसे में पानी से भरी सड़क की गहराई का अंदाजा न होने पर वाहन लेकर आगे बढ़ने से बचना चाहिए।
अगले तीन दिन क्यों महत्वपूर्ण?
22 अगस्त के forecast में दो weather systems विशेष रूप से महत्वपूर्ण थे—एक northeast Madhya Pradesh के आसपास मौजूद Low Pressure Area और दूसरा north Bay of Bengal में बनने वाला Low Pressure Area।
इनके प्रभाव से पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अलग-अलग समय पर भारी बारिश की परिस्थितियां बनने का अनुमान था।
खासकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले 2-3 दिनों के दौरान heavy to very heavy rainfall की संभावना को प्रमुखता दी गई थी।
24 अगस्त को भी कई राज्यों में Heavy Rain Alert
22 अगस्त का forecast अब आगे बढ़ चुका है, लेकिन इसका weather system अगले दिनों में भी असर दिखा रहा है।
24 अगस्त की सुबह जारी IMD bulletin के मुताबिक Chhattisgarh, Madhya Pradesh और Odisha में isolated Heavy to Very Heavy Rainfall की संभावना बनी हुई है।
इसलिए इन राज्यों में district-level latest warning देखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।
खराब मौसम में क्या सावधानी रखें?
भारी बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़क, underpass और तेज बहाव वाले रास्तों से बचें। Thunderstorm के दौरान खुले मैदान, छत, बिजली के खंभे और अकेले खड़े पेड़ों के पास न रहें।
पहाड़ी क्षेत्रों में landslide-prone routes तथा उफनते नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।
किसी severe weather situation में स्थानीय प्रशासन और IMD की latest warning को प्राथमिकता दें।
Disclaimer: यह स्वतंत्र मौसम रिपोर्ट 22 अगस्त 2026 की उपलब्ध मौसम रिपोर्ट और India Meteorological Department के आधिकारिक forecast के आधार पर तैयार की गई है। मौसम की स्थिति स्थान और समय के अनुसार बदल सकती है। किसी यात्रा या मौसम-संवेदनशील गतिविधि से पहले नवीनतम स्थानीय forecast जरूर देखें।






