Rajasthan Weather Today 24 August 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी हैं, लेकिन पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली समेत कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। अलवर के लक्ष्मणगढ़ में सबसे ज्यादा 75 MM यानी करीब 3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के मौजूदा संकेत बताते हैं कि 26-27 अगस्त से मानसून की गतिविधियां और कमजोर हो सकती हैं। इसके बाद पश्चिमी राजस्थान के साथ पूर्वी हिस्सों में भी मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
राजस्थान के 12 जिलों में आज बारिश का अलर्ट
24 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और thunderstorm की परिस्थितियां बनी हुई हैं। IMD की 24 अगस्त की subdivision warning में East Rajasthan के लिए Thunderstorm, Lightning और Squall की चेतावनी दिखाई गई है, जबकि West Rajasthan के लिए आज कोई weather warning नहीं है।
इससे साफ है कि आज राज्य में बारिश का मुख्य फोकस पूर्वी राजस्थान की तरफ बना हुआ है।
हालांकि पूरे जिले में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। कुछ इलाकों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं जबकि आसपास के दूसरे क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।
अलवर में 3 इंच तक बरसा पानी
अलवर पिछले बारिश के दौर में सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा।
लक्ष्मणगढ़ में 75 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कठूमर में 57 MM, रैणी में 45 MM और राजगढ़ में 39 MM बारिश दर्ज हुई।
IMD Jaipur की 24 अगस्त की weather observations में भी Alwar station पर 58.2 MM rainfall दर्ज है और सुबह की relative humidity 100% थी।
लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में निचली सड़कों, खेतों और कमजोर drainage वाले स्थानों पर पानी जमा होने की समस्या हो सकती है।
भरतपुर में भी जमकर बरसे बादल
भरतपुर जिले के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
बरैठा में 46 MM, नदबई में 33 MM और रूपवास में 25 MM बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है और कई क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
हालांकि ज्यादा बारिश वाले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण सड़कों पर पानी जमा होने जैसी समस्याओं पर नजर रखना जरूरी है।
धौलपुर में बारिश, बसेड़ी में कच्चा मकान गिरा
धौलपुर के अलग-अलग हिस्सों में भी बारिश दर्ज हुई।
सरमथुरा में 23 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं राजाखेड़ा और सैंपऊ में 6-6 MM, बसेड़ी में 4 MM और बसई नवाब क्षेत्र में 16 MM बारिश हुई।
बसेड़ी में बारिश के दौरान एक कच्चा मकान गिरने की घटना भी सामने आई, हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली।
बारिश के दौरान कमजोर और पुराने मकानों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
करौली में भी हुई बारिश
करौली जिले के कुछ हिस्सों में भी बारिश देखने को मिली।
कुड़गांव और सपोटरा में करीब 1 से 2 MM बारिश दर्ज की गई।
यह मात्रा अलवर या भरतपुर की तुलना में काफी कम रही, जो दिखाती है कि पूर्वी राजस्थान में भी rainfall distribution समान नहीं है।
इसीलिए state-level alert के साथ district और local-level forecast देखना ज्यादा उपयोगी रहता है।
जयपुर में बारिश से ज्यादा गर्मी और उमस
राजधानी जयपुर में मौसम का मिजाज अलग दिखाई दिया।
रविवार को जयपुर का अधिकतम तापमान 35.6°C और न्यूनतम तापमान 27.4°C दर्ज किया गया। दिनभर धूप निकलने से गर्मी और उमस का प्रभाव बढ़ा रहा।
24 अगस्त को IMD Jaipur observations में शहर का तापमान सुबह करीब 29°C और humidity लगभग 66% दिखाई गई।
इसलिए जयपुर में केवल बारिश ही नहीं बल्कि humidity और temperature भी महत्वपूर्ण weather factors बने हुए हैं।
पूर्वी राजस्थान में पश्चिम से ज्यादा गर्मी
एक दिलचस्प स्थिति यह है कि मानसून कमजोर होने के साथ पूर्वी राजस्थान के कई शहरों में गर्मी का प्रभाव बढ़ा है।
Live Hindustan की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 35°C से नीचे रहा, जबकि पूर्वी राजस्थान के कुछ शहरों में इससे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ।
बारिश में कमी और धूप निकलने पर वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस भी ज्यादा महसूस हो सकती है।
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के मौसम में बड़ा अंतर
राजस्थान का मौसम पूरे राज्य में एक जैसा नहीं है।
24 अगस्त को IMD warning में West Rajasthan के लिए कोई चेतावनी नहीं, जबकि East Rajasthan में thunderstorm और lightning का खतरा बताया गया है।
इसलिए जैसलमेर या बाड़मेर का मौसम देखकर जयपुर, अलवर या भरतपुर की स्थिति का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
राजस्थान जैसे बड़े राज्य में regional और district-level forecast ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
मानसून क्यों पड़ रहा है कमजोर?
राजस्थान में मानसून की सक्रियता अब पिछले बारिश के दौर की तुलना में कमजोर होने लगी है।
मौसम प्रणाली के बदलने और मानसूनी परिस्थितियों के कमजोर होने से आने वाले दिनों में rainfall coverage कम हो सकती है।
इसका मतलब यह नहीं कि तुरंत पूरे राजस्थान में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। स्थानीय thunderstorm और हल्की से मध्यम बारिश कुछ क्षेत्रों में फिर भी हो सकती है।
26-27 अगस्त से बदल सकता है मौसम
राजस्थान के मौसम में अगला महत्वपूर्ण बदलाव 26 और 27 अगस्त के आसपास देखने को मिल सकता है।
मौजूदा रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान मानसून के और कमजोर होने की संभावना है। इसके बाद पश्चिमी राजस्थान के साथ पूर्वी हिस्सों में भी मौसम मुख्य रूप से dry रह सकता है।
इसलिए 24-25 अगस्त की स्थानीय बारिश के बाद राज्य में rainfall activity कम होने पर नजर रहेगी।
बारिश कम होते ही बढ़ सकती है उमस
मानसून कमजोर होने का मतलब हमेशा तुरंत राहत मिलना नहीं होता।
वातावरण में नमी मौजूद रहने और बारिश के बीच धूप निकलने पर उमस ज्यादा महसूस हो सकती है।
जयपुर में रविवार को ऐसी ही स्थिति देखने को मिली, जहां दिनभर धूप के कारण गर्मी और humidity बढ़ी रही।
इसलिए आने वाले दिनों में rainfall के साथ temperature और humidity को भी देखना जरूरी होगा।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा अगला Weather Phase
पूर्वी राजस्थान में जिन क्षेत्रों में हाल में अच्छी बारिश हुई है वहां खेतों की स्थिति पश्चिमी राजस्थान से अलग हो सकती है।
अलवर, भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी होगी, जबकि अपेक्षाकृत शुष्क क्षेत्रों में परिस्थितियां अलग रह सकती हैं।
26-27 अगस्त के बाद मानसून कमजोर होने की संभावना को देखते हुए किसानों के लिए local rainfall forecast महत्वपूर्ण रहेगा।
कृषि संबंधी फैसले स्थानीय मिट्टी, फसल की स्थिति और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही लेने चाहिए।
Thunderstorm और Lightning से रहें सावधान
East Rajasthan के लिए आज thunderstorm और lightning warning होने के कारण बारिश की मात्रा के अलावा बिजली गिरने का खतरा भी ध्यान में रखना जरूरी है।
गरज सुनाई देने पर खुले खेत, छत, ऊंचे स्थान और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे रुकने से बचें।
तेज हवा या thunderstorm के दौरान सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर रहना बेहतर है।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सावधानी
अलवर और भरतपुर जैसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में सड़क पर जमा पानी परेशानी पैदा कर सकता है।
अगर किसी सड़क पर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं है तो उसमें वाहन लेकर आगे बढ़ने से बचना चाहिए।
तेज बारिश के दौरान visibility कम होने पर वाहन की गति कम रखें और सामने वाले वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
अगले 48-72 घंटे महत्वपूर्ण
राजस्थान के लिए अगले दो से तीन दिन इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि राज्य मौसम के एक transition phase से गुजर रहा है।
पूर्वी राजस्थान में अभी thunderstorm और स्थानीय बारिश की गतिविधियां हैं, लेकिन 26-27 अगस्त से मानसून और कमजोर होने की संभावना है।
इस दौरान जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर और आसपास के जिलों में local weather conditions पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
राजस्थान में आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौजूदा संकेतों के अनुसार राजस्थान में व्यापक मानसूनी बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।
पूर्वी राजस्थान में फिलहाल कुछ क्षेत्रों में बारिश और thunderstorm का खतरा है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में स्थिति अपेक्षाकृत शांत है।
26-27 अगस्त के बाद अगर मानसून अपेक्षा के मुताबिक कमजोर होता है तो राज्य के बड़े हिस्से में dry weather का प्रभाव बढ़ सकता है।
हालांकि स्थानीय मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए district-level updates देखते रहना जरूरी रहेगा।
Disclaimer: यह स्वतंत्र मौसम रिपोर्ट 24 अगस्त 2026 को उपलब्ध मौसम रिपोर्ट और IMD Jaipur की weather information के आधार पर तैयार की गई है। वास्तविक मौसम जिले और स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। यात्रा, कृषि या अन्य मौसम-संवेदनशील गतिविधियों से पहले नवीनतम स्थानीय आधिकारिक चेतावनी जरूर देखें।






