Rajasthan Weather Today 21 August 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। 21 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। पूर्वी राजस्थान में मौसम ज्यादा सक्रिय है और 15 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट बताया गया है। वहीं 23 अगस्त से राज्य में मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान की तुलना में पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना अधिक बनी हुई है। IMD की 21 अगस्त की subdivision warning में भी East Rajasthan के लिए thunderstorm और lightning की चेतावनी दर्ज है, जबकि West Rajasthan के लिए कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
राजस्थान के 15 जिलों में आज येलो अलर्ट
21 अगस्त को राजस्थान के करीब 15 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और अचानक मौसम बदलने की स्थिति बन सकती है।
बारिश की गतिविधियां पूरे राज्य में समान नहीं रहेंगी। कुछ जिलों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि आसपास के दूसरे क्षेत्रों में केवल बादल छाए रहने या हल्की बारिश की स्थिति रह सकती है।
येलो अलर्ट का मतलब लोगों को मौसम की बदलती परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, खासतौर पर outdoor activities और यात्रा के दौरान।
पूर्वी राजस्थान में ज्यादा सक्रिय रहेगा मौसम
राजस्थान के पूर्वी हिस्से में आज मानसूनी गतिविधियां पश्चिमी हिस्से के मुकाबले ज्यादा प्रभावी रहने की संभावना है।
जयपुर, भरतपुर, शेखावाटी, कोटा और उदयपुर संभागों के कुछ हिस्सों में बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। आज प्रकाशित अन्य स्थानीय मौसम अपडेट में भी इन क्षेत्रों के लिए मौसम में बदलाव की चेतावनी दी गई है।
पूर्वी राजस्थान के लिए IMD की 21 अगस्त की warning में thunderstorm और lightning का खतरा भी दर्ज है।
जयपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी जयपुर में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश या हल्की बौछारों की संभावना बनी हुई है।
जयपुर संभाग पूर्वी राजस्थान के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां आज मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
बारिश होने पर शहर के निचले इलाकों में अस्थायी जलभराव और व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक की गति प्रभावित हो सकती है।
हालांकि शहर के हर हिस्से में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। मानसून के दौरान एक क्षेत्र में तेज बारिश और कुछ किलोमीटर दूर केवल बूंदाबांदी होना सामान्य है।
भरतपुर संभाग में भी बारिश की संभावना
भरतपुर और आसपास के पूर्वी राजस्थान के क्षेत्रों में भी मानसून का असर बना हुआ है।
इन क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। लगातार या अचानक तेज बारिश होने पर स्थानीय सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की संभावना रहती है।
लोगों को thunderstorm के दौरान खुले क्षेत्रों में रहने से बचना चाहिए।
कोटा क्षेत्र में भी बरस सकते हैं बादल
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा संभाग में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। मानसूनी नमी और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है।
बारिश की वास्तविक तीव्रता जिले और स्थान के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।
किसी क्षेत्र में तेज बारिश होने की स्थिति में निचली सड़कों और पानी के तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी बरतनी चाहिए।
उदयपुर संभाग में भी मौसम रहेगा बदला हुआ
उदयपुर और दक्षिण राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना बनी हुई है।
उदयपुर संभाग के पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होने पर सड़क की स्थिति तेजी से बदल सकती है।
स्थानीय स्तर पर thunderstorm विकसित होने की स्थिति में बिजली गिरने का खतरा भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
पश्चिमी राजस्थान में अपेक्षाकृत कमजोर मानसून
राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में आज मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर हैं।
IMD की 21 अगस्त की subdivision-wise warning में West Rajasthan के लिए कोई मौसम चेतावनी दर्ज नहीं है, जबकि East Rajasthan में thunderstorm और lightning की चेतावनी है।
इसका मतलब यह नहीं है कि पश्चिमी राजस्थान के हर क्षेत्र में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा, बल्कि व्यापक स्तर पर गंभीर मौसम चेतावनी फिलहाल पूर्वी हिस्से पर ज्यादा केंद्रित है।
राजस्थान में क्यों कमजोर पड़ रहा है मानसून?
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों के दौरान मानसून की सक्रियता में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
मानसूनी सिस्टम और trough की स्थिति बदलने के कारण बारिश का मुख्य क्षेत्र समय के साथ दूसरे हिस्सों की तरफ स्थानांतरित होता रहता है। इसी वजह से राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में बारिश कम हुई है और धूप तथा गर्मी का असर दोबारा बढ़ा है। हालिया स्थानीय मौसम रिपोर्ट में भी राज्य के लगभग आधे हिस्से में मानसून कमजोर पड़ने के कारण गर्मी और धूप बढ़ने की बात कही गई है।
23 अगस्त से और कमजोर हो सकता है मानसून
राजस्थान के मौसम में अगला महत्वपूर्ण बदलाव 23 अगस्त से देखने को मिल सकता है।
मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार 23 अगस्त से राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है।
इसका असर बारिश की frequency और intensity दोनों पर दिखाई दे सकता है। कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां सीमित हो सकती हैं और मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने लग सकता है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने या हल्की बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जानी चाहिए।
बारिश कम होने पर बढ़ सकती है गर्मी और उमस
मानसून कमजोर होने के साथ राजस्थान के कुछ हिस्सों में दिन के समय धूप और गर्मी दोबारा परेशान कर सकती है।
जहां बारिश नहीं होगी वहां तापमान अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस हो सकता है। नमी मौजूद रहने पर उमस भी बढ़ सकती है।
हालिया रिपोर्टों में भी राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून कमजोर होने के बाद धूप और गर्मी का प्रभाव बढ़ने की बात सामने आई है।
गरज-चमक के दौरान रहें सावधान
पूर्वी राजस्थान में thunderstorm और lightning की चेतावनी को देखते हुए खुले खेत, छत, ऊंचे स्थान और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे रुकने से बचना चाहिए।
बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर मजबूत इमारत के अंदर जाना बेहतर है।
तेज बारिश होने पर पानी से भरे अंडरपास या ऐसे रास्तों में वाहन लेकर प्रवेश न करें जहां पानी की गहराई का अंदाजा न हो।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगा मौसम
पूर्वी राजस्थान के जिन हिस्सों में बारिश की संभावना है, वहां खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए स्थानीय nowcast महत्वपूर्ण रहेगा।
Thunderstorm या lightning की स्थिति में खुले खेत में काम जारी रखना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
दूसरी ओर 23 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर होने की स्थिति में कृषि गतिविधियों के लिए जिलेवार पूर्वानुमान देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा, क्योंकि पूरे राजस्थान में बारिश एक समान नहीं होती।
अगले 48 घंटे क्यों महत्वपूर्ण?
21 और 22 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान में मानसून की बची हुई सक्रियता पर नजर रहेगी।
इसके बाद 23 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
इसलिए अगले दो दिनों में जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान के लोगों को स्थानीय rain और thunderstorm alerts देखते रहना चाहिए।
पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत कम सक्रिय है।
राजस्थान में आगे कैसा रहेगा मौसम?
फिलहाल राजस्थान में मौसम के दो अलग रूप दिखाई दे रहे हैं।
पूर्वी राजस्थान: बारिश, बादल और thunderstorm की संभावना।
पश्चिमी राजस्थान: अपेक्षाकृत कमजोर मानसूनी गतिविधियां और कई क्षेत्रों में शुष्क मौसम।
23 अगस्त के बाद राज्य में मानसून की सक्रियता और कमजोर होने की संभावना है। हालांकि लंबी अवधि के forecast में बदलाव संभव है, इसलिए स्थानीय चेतावनी को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
Disclaimer: यह स्वतंत्र मौसम रिपोर्ट 21 अगस्त 2026 को उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी संबंधी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मौसम की वास्तविक स्थिति जिले, स्थान और समय के अनुसार बदल सकती है। यात्रा, कृषि या अन्य मौसम-संवेदनशील गतिविधि से पहले नवीनतम स्थानीय आधिकारिक चेतावनी जरूर जांचें।






