MP Weather Today 24 August 2026: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। डिंडौरी और बालाघाट समेत कुछ क्षेत्रों में बीते 24 घंटों के दौरान बेहद तेज बारिश दर्ज की गई है और कई स्थानों पर बारिश का आंकड़ा 8 इंच के आसपास पहुंचा है।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर थमने वाला नहीं है। IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में भी East और West Madhya Pradesh में व्यापक बारिश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौजूदा सिस्टम के प्रभाव से 27 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रहने के संकेत हैं।
मध्य प्रदेश के 22 जिलों में Heavy Rain Alert
प्रदेश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग ने राज्य के 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
बारिश की तीव्रता हर जिले में समान नहीं रहेगी। इसलिए लोगों को state-level warning के साथ अपने जिले का latest forecast भी देखते रहना चाहिए।
डिंडौरी में जमकर बरसे बादल
डिंडौरी प्रदेश के सबसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल रहा है।
यहां कई स्थानों पर बहुत तेज बारिश दर्ज की गई और कुछ क्षेत्रों में rainfall का आंकड़ा करीब 8 इंच तक पहुंच गया। लगातार भारी बारिश के कारण ग्रामीण और निचले इलाकों में पानी जमा होने का खतरा बढ़ गया है।
पहले से संतृप्त मिट्टी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त बारिश होने पर surface runoff तेजी से बढ़ सकता है।
बालाघाट में भी मूसलाधार बारिश
बालाघाट में भी मानसून ने जोरदार असर दिखाया है। जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है और कुछ क्षेत्रों में rainfall काफी अधिक रहा।
बालाघाट के वन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान छोटे नदी-नालों के आसपास अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने से बचना चाहिए, खासकर तब जब पानी की गहराई का सही अंदाजा न हो।
पूर्वी मध्य प्रदेश पर ज्यादा असर
मौजूदा मानसूनी सिस्टम का प्रभाव पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
IMD के राष्ट्रीय forecast में East Madhya Pradesh में 23 से 26 अगस्त के दौरान isolated heavy rainfall की संभावना बताई गई थी। इसके साथ ही East और West MP में 26 अगस्त तक fairly widespread to widespread rainfall का अनुमान है।
यानी अगले कुछ दिनों तक जबलपुर, शहडोल और आसपास के पूर्वी क्षेत्रों में मौसम पर विशेष नजर रखने की जरूरत रहेगी।
जबलपुर संभाग में सक्रिय रहेगा मानसून
जबलपुर और आसपास के जिलों में भी मानसूनी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बने अनुकूल weather conditions के कारण यहां बादल, बारिश और कुछ स्थानों पर thunderstorm की परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
आज सुबह IMD Bhopal के observations में Jabalpur का तापमान करीब 26°C और humidity लगभग 89% दिखाई गई।
ज्यादा humidity और लगातार बादल रहने के कारण वातावरण में नमी का प्रभाव बना रहेगा।
भोपाल में भी बदला हुआ है मौसम
राजधानी भोपाल में भी मानसूनी मौसम बना हुआ है।
IMD Bhopal के ताजा observations में Bhopal-Arera Hills पर तापमान करीब 26°C, humidity लगभग 89% और पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा से करीब 16.7 kmph की हवा दर्ज की गई।
राजधानी में rainfall intensity पूर्वी जिलों जितनी होना जरूरी नहीं है, लेकिन बदलते मौसम और स्थानीय बारिश की संभावना को देखते हुए latest nowcast पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
इंदौर में भी बादलों का असर
इंदौर में भी मानसून का प्रभाव बना हुआ है।
IMD Bhopal के उपलब्ध current observations में इंदौर का तापमान करीब 27°C और relative humidity लगभग 79% दर्ज की गई।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है।
Low Pressure System से मजबूत हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों की बारिश के पीछे सक्रिय weather systems महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
IMD ने 22 अगस्त को बताया था कि northeast Madhya Pradesh और आसपास के क्षेत्र में Low Pressure Area मौजूद था। इसी दौरान East Madhya Pradesh में भारी से बहुत भारी बारिश की परिस्थितियां बनी थीं।
ऐसे सिस्टम आसपास के वातावरण में नमी और cloud formation बढ़ाकर व्यापक rainfall activity को support कर सकते हैं।
प्रदेश में Thunderstorm और Lightning का भी खतरा
बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
IMD के forecast के अनुसार East और West Madhya Pradesh में 22 से 26 अगस्त के दौरान isolated thunderstorm और lightning की संभावना बनी हुई थी।
गरज सुनाई देने पर खुले खेत, ऊंचे स्थान, छत और अकेले खड़े पेड़ों से दूरी बनाना जरूरी है।
किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को thunderstorm के दौरान सुरक्षित पक्की जगह पर चले जाना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ सकता है नदी-नालों का जलस्तर
डिंडौरी और बालाघाट जैसे ज्यादा बारिश प्राप्त करने वाले जिलों में लगातार rainfall के कारण छोटे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बदल सकता है।
कम समय में ज्यादा पानी गिरने पर ग्रामीण रास्तों और छोटी पुल-पुलियों पर पानी आ सकता है।
ऐसे में बहते पानी के बीच पैदल या वाहन से रास्ता पार करने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
शहरों में Waterlogging की आशंका
भारी बारिश का असर केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं रहता।
भोपाल, जबलपुर और दूसरे शहरों में कम समय में तेज बारिश होने पर निचले क्षेत्रों, अंडरपास और कमजोर drainage वाले इलाकों में waterlogging हो सकता है।
वाहन चालकों को पानी से भरी सड़क की गहराई का अनुमान न होने पर alternative route लेना चाहिए।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण Weather Update
मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में खेती मानसून की बारिश से सीधे प्रभावित होती है।
जिन जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है वहां खेतों में अतिरिक्त पानी जमा होने पर drainage महत्वपूर्ण हो सकता है।
Thunderstorm या heavy rain warning के दौरान pesticide spraying जैसी गतिविधियों को स्थानीय forecast देखकर plan करना बेहतर रहेगा।
हालांकि खेती से संबंधित वास्तविक निर्णय फसल, मिट्टी की स्थिति और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही लेने चाहिए।
अगले 48-72 घंटे महत्वपूर्ण
मध्य प्रदेश के लिए अगले दो से तीन दिन महत्वपूर्ण बने रह सकते हैं।
IMD के forecast के मुताबिक East Madhya Pradesh में 26 अगस्त तक isolated heavy rainfall की संभावना बनी हुई है, जबकि व्यापक बारिश भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जारी रह सकती है।
इस दौरान हर जिले में एक जैसी बारिश नहीं होगी। कुछ क्षेत्रों में हल्की-मध्यम बारिश और localized pockets में ज्यादा तेज rainfall देखने को मिल सकती है।
27 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बारिश का मौजूदा दौर 27 अगस्त तक जारी रहने के संकेत हैं।
इसके बाद rainfall activity में बदलाव आ सकता है, लेकिन मानसून के दौरान weather systems तेजी से बदलते हैं। इसलिए लंबे forecast की तुलना में अगले 24 से 72 घंटे की district-level warning ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगी।
भारी बारिश के दौरान क्या सावधानी रखें?
भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और पानी से भरी पुलिया पार करने से बचें। शहरी क्षेत्रों में waterlogged underpass में वाहन लेकर प्रवेश न करें।
Lightning के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। ग्रामीण और वन क्षेत्रों में अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
MP में आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौजूदा forecast से संकेत मिलता है कि मध्य प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय रहेगा।
पूर्वी मध्य प्रदेश में rainfall activity ज्यादा प्रभावी रह सकती है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी कई स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD के 24 अगस्त के राष्ट्रीय bulletin में भी Central India में सक्रिय rainfall pattern जारी रहने के संकेत हैं।
डिंडौरी, बालाघाट और पूर्वी MP के ज्यादा बारिश प्राप्त करने वाले क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक स्थानीय warnings पर विशेष नजर रखना जरूरी रहेगा।
Disclaimer: यह स्वतंत्र मौसम रिपोर्ट 24 अगस्त 2026 को उपलब्ध मौसम रिपोर्ट और India Meteorological Department की आधिकारिक forecast information के आधार पर तैयार की गई है। मौसम की वास्तविक स्थिति जिले और स्थान के अनुसार बदल सकती है। यात्रा, कृषि या अन्य मौसम-संवेदनशील गतिविधियों से पहले नवीनतम स्थानीय आधिकारिक चेतावनी जरूर देखें।






